| संशोधन १ बन सकेगा दो प्लॉट पर एक मकान टीएनसीपी के अनुसार दो प्लॉटों पर अलग-अलग निर्माण ही किया जा सकता था। अधिनियम की धारा ३० में हुए संशोधन के मुताबिक अब ५०० वर्ग मीटर से कम आकार के दो प्लॉटों का संयुक्तिकरण हो सकेगा । पहले दो प्लॉटों के बीच जगह छोडऩे की बाध्यता थी लेकिन नए नियम के तहत ऐसा करने की भी जरूरत नहीं है। संशोधन २. आसान हो जाएगा लैंड यूज में बदलाव संशोधन ३. विकास प्राधिकरणों से किसी तरह के करार (एग्रीमेंट) के लिए उसकी लिखत (नोटरी) पर पहले शुल्क देना होता था लेकिन संशोधन के बाद अब इस लिखत के लिए रजिस्ट्रीकरण शुल्क के प्रावधान को हटा दिया गया है। इससे जनता को फायदा होगा और अनावश्यक शुल्क नहीं देना होगा। मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम १९७३ के मूल अधिनियम में संशोधन किया गया है। इसे अब मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधित) अधिनियम २०११ नाम दिया गया है। इस मूल अधिनियम की धारा 16, 17 (क), २९,३०, ५६ में संशोधन किया गया है। अधिनियम में सेे धारा २४,५४ के नियमों को हटाया गया है। इसी में धारा ५१ की स्थापना की गई और धारा ५६(क), ५६(ख) को भी शामिल किया गया है। प्रदेश के राज्यपाल ने मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम २०११ में संशोधन के लिए अनुमति दे दी थी जिसके पश्चात मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 3 जनवरी २०१२ को इसका प्रकाशन भी कर दिया गया था। अब इसी संशोधित अधिनियम के लिए नियमों का प्रकाशन किया जाना हैे |
Sunday, 11 March 2012
बड़े काम के हैं संशोधन
Tuesday, 21 February 2012
शहर को बड़ा करने की अधिसूचना जारी
सीमावृद्धि के कारण इंदौर अपने मौजूदा आकार से दो गुना से भी ज्यादा बढ़ जाएगा
भास्कर संवाददाता इंदौर
शहर में आस-पास की 27 पंचायतों के 29 गांवों को शामिल किए जाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। 17 मार्च तक प्रभावित गांवों के लोग दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। मामला निगम सीमा से संबंधित होने के कारण प्राप्त होने वाले दावे, आपत्ति और सुझाव पर निगम प्रशासन कलेक्टोरेट को अपना मत देगा। जिला प्रशासन अपना अभिमत सरकार को भेजेगा। अधिसूचना का अंतिम प्रकाशन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा।
शहर का मौजूदा क्षेत्रफल 131.17 वर्ग किमी है। 29 गांवों के शामिल होने से इसमें 147.14 वर्ग किमी जमीन और जुड़ जाएगी। सीमावृद्धि के कारण इंदौर अपने मौजूदा आकार से दो गुना से भी ज्यादा (278.31) बढ़ जाएगा। इसके बाद गांवों को शहर जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी।
जनपद और जिला पंचायत की सीमा भी बदलेगी
Thursday, 16 February 2012
पीथमपुर में सवा करोड़ रुपए हेक्टेयर होगी गाइडलाइन!
पीथमपुर में सवा करोड़ रुपए हेक्टेयर होगी गाइडलाइन! |
प्रस्ताव पास हुआ तो दो साल में पांच गुना हो जाएगी बढ़ोतरी |
यज्ञदत्त परसाई त्न धार |
| इंदौर से सटे औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर की जमीनों के भाव आसमान छू रहे हैं। प्रशासन ने वर्ष 2012-13 की सरकारी गाइडलाइन में यहां 25 फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव बना लिया है। यदि भोपाल से मंजूरी मिल गई तो पीथमपुर मार्ग पर जमीन का भाव सवा करोड़ रुपए हेक्टेयर हो जाएगा। 2011-12 में प्रचलित गाइडलाइन एक करोड़ रुपए हेक्टेयर है। 2010-11 में पीथमपुर में सिंचित जमीन की गाइडलाइन 46 लाख और असिंचित की 28 लाख रुपए हेक्टेयर ही थी। उसके बाद गाइडलाइन समान रूप से एक करोड़ रुपए कर दी गई है। नए प्रस्ताव से दो साल में यहां असिंचित जमीन की गाइडलाइन लगभग पांच गुना तक बढ़ जाएगी। अगले वर्ष के लिए पूरे पीथमपुर नपा क्षेत्र में गाइडलाइन में 56.47 प्रतिशत की औसत वृद्धि करने का प्रस्ताव है। फोरलेन वाले गांवों में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि होगी धार जिले में नए फोरलेन बनने के बाद छोटे गांवों में भी जमीन महंगी हो गई है। इसका अंदाजा नए फोरलेन किनारे स्थित धार तहसील के गांव नियामतखेड़ी से लगाया जा सकता है। यहां अभी की गाइडलाइन में सिंचित जमीन 15 लाख रुपए हेक्टेयर और असिंचित 10 लाख रुपए भाव की बताई गई है। नए वर्ष में यहां दोनों तरह की जमीनों के भाव 50 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसी तरह बग्गड़ रोड पर 11.5 लाख को बढ़ाकर 40 लाख रुपए हेक्टेयर करने की संभावना है। गुणावद में गाइडलाइन से भाव 35 लाख से 60 लाख हो जाएंगे। इसलिए हो रही है इतनी बढ़ोतरी - सरकार ने पिछले वर्ष स्टाम्प ड्यूटी की दर घटा दी थी। इसकी भरपाई के लिए सरकारी गाइडलाइन को वास्तविक बाजार मूल्य तक ले जाने के निर्देश दिए थे ताकि स्टाम्प ड्यूटी का राजस्व न घटे। - नए फोरलेन तेजी से बन रहे हैं। पिछले चार साल में जिले में दो निर्माणाधीन सहित कुल पांच नए फोरलेन अस्तित्व में आए हैं। यह है प्रति हेक्टेयर का प्रस्ताव क्षेत्र प्रचलित दर प्रस्तावित गाइडलाइन पीथमपुर रोड पर 1 करोड़ 1.25 करोड़ अंदर की तरफ में 80 लाख 1 करोड़ (मंडलावदा, धन्नड़, बगदून, सागौर, बरदरी, खेड़ा, अकोल्या मार्ग पर भी 80 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए की गाइडलाइन की जा रही है) |
Saturday, 11 February 2012
सुपर कॉरिडोर पर इन्फोसिस ने मांगा सेज
सुपर कॉरिडोर पर इन्फोसिस ने मांगा सेज |
13 मार्च को दिल्ली में होने वाली बैठक में होगा फैसला |
भास्कर संवाददाता त्नइंदौर |
| सुपर कॉरिडोर पर 130 एकड़ जमीन का कब्जा मिलते ही इन्फोसिस ने स्पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) के लिए आवेदन कर दिया है। केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्यिक विभाग के स्थानीय कार्यालय पर कंपनी के रीजनल मैनेजर ने सभी प्रक्रिया पूरी की। अब 13 मार्च को दिल्ली में होने वाली बोर्ड ऑफ एप्रूवल की बैठक में इस पर फैसला होगा। विभाग के डेवलपमेंट कमिश्नर ए.के. राठौर के मुताबिक इन्फोसिस ने 130 एकड़ जमीन के लिए सेज का आवेदन किया है। कंपनी के आवेदन को दो दिन में बोर्ड ऑफ एप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। निर्णय 13 मार्च को दिल्ली में आयोजित बैठक में होगा। श्री राठौर ने स्पष्ट किया एक सप्ताह में जमीन का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा व रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी। बीओआई में निर्णय होते ही नोटिफिकेशन भी जारी हो सकेगा। सेज की शर्तों के मुताबिक कंपनी को तीन साल में प्रोजेक्ट से एक्सपोर्ट शुरू करना होगा। इसके अलावा राज्य शासन की अपनी शर्तें लागू होंगी। |
Friday, 3 February 2012
Published on 02 Feb-2012
इंदौर आने को तैयार मेदांता फोर्टिस जैसे बड़े अस्पताल
इंदौर आने को तैयार मेदांता फोर्टिस जैसे बड़े अस्पताल |
जल्द ही जमीन देखने आएंगे डॉ. त्रेहान |
विशेष संवाददाता इंदौर |
| दो बड़ी आईटी कंपनियों की आमद के बाद देश के बड़े कॉर्पोरेट अस्पताल भी शहर का रुख कर रहे हैं। जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहान तो जल्द ही इंदौर में मेदांता अस्पताल के लिए जमीन तलाशने आने वाले हैं। वहीं फोर्टिस हेल्थकेयर इंडिया ने इंदौर सहित छह शहरों में 1050 करोड़ की लागत से अस्पताल लाने की घोषणा की है। चिकित्सा जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार डॉ. त्रेहान प्रदेश के प्रमुख सचिव एस.के. मिश्रा से संपर्क में है। अगले दो-तीन हफ्ते में वे या उनकी टीम जमीन देखने आ सकते हैं। उनका यहां कार्डिएक स्पेशियलिटी (हृदयरोग) वाला अस्पताल खोलने की योजना है। हालांकि कलेक्टर या आईडीए के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं लेकिन कॉन्फिड्रेशन ऑफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) ने इसकी पुष्टि कर दी है। अन्य अस्पताल निजी तौर पर ही सर्वे कर जमीन तलाश रहे हैं। मसलन अंतरराष्ट्रीय चेन वाले फोर्टिस अस्पताल के सीईओ ने वेबसाइट पर बयान जारी किया है कि इंदौर सहित छह शहरों में लगभग 1400 बिस्तरों वाले अस्पताल खोलने की योजना है। मैक्स और केअर जैसे अस्पतालों के नाम भी चर्चा में हैं। फायदा: - एक अस्पताल खोलने के लिए लगभग ढाई एकड़ जमीन पर 200 करोड़ का निवेश होगा। - एक अस्पताल से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा - मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा तो शहर के अन्य सेक्टर को भी फायदा होगा । |
Friday, 27 January 2012
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